CULTURAL IMPORTANCE
/ Categories:

CULTURAL IMPORTANCE

 गो-प्रदक्षिणा


     गवां दृष्ट्वा नमस्कृत्य कुर्याच्चैव प्रदक्षिणं, प्रदक्षिणीकृता तेन सप्तद्वीपा वसुन्धरा.

     मातरः सर्वभूतानाम् गावः सर्वसुखप्रदाः, वृद्धिमाकान्क्षता नित्यं गावः कार्याः प्रदक्षिनाः.

 ‘ गोमाता का दर्शन एवं उन्हें नमस्कार करके उनकी परिक्रमा करे. ऐसा करने से सातों द्वीपों सहित भूमंडल की प्रदक्षिणा हो जाती है. गौएँ समस्त प्राणियों की माताएं एवं सारे सुख देनेवाली है. वृद्धि की आकांक्षा करने वाले मनुष्य को नित्य गौओं की प्रदक्षिणा करनी चाहिये.’

Next Article SOCIAL IMPORTANCE
Print
754 Rate this article:
1.0

Please login or register to post comments.

Latest Articles
SOCIAL IMPORTANCE
0 3107
The social behaviour of cow-              Social importance of cow...
CULTURAL IMPORTANCE
0 754
 गो-प्रदक्षिणा      गवां दृष्ट्वा नमस्कृत्य कुर्याच्चैव प्रदक्षिणं, प्रदक्षिणीकृता तेन सप्तद्वीपा...